दान की प्रवृत्ति ही वसुधैव कुटुंबकम् का आधार : अनिरुद्ध सिंह
1 min read
देवरिया। सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर देवरिया खास के माधव सभागार में “अन्नदान–महादान” सप्ताह के समापन अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वसुधैव कुटुंबकम् का विचार दान और परोपकार पर आधारित है। यही भावना भारत को विश्व में विशिष्ट पहचान दिलाती है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भारत ने मानवता की रक्षा हेतु विश्व को दवाएं व टीके उपलब्ध कराए, जो परोपकार का श्रेष्ठ उदाहरण है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्या भारती की शिक्षण योजना में परोपकारी व्यक्तित्व का निर्माण भी प्रमुख लक्ष्य है। इस वर्ष विद्यालय के छात्रों ने अन्नदान सप्ताह में 22 कुंतल चावल संग्रह कर वनवासी कल्याण आश्रम के छात्रों के भोजन हेतु दान किया। सर्वाधिक योगदान देने वाले कक्षा वर्गों व छात्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से हुआ। संचालन डॉ. अक्षयवर त्रिपाठी ने किया।
