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देवरिया। जनपद में अपराध एवं शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत...

4 लोग गिरफ्तार हुए इस छापेमारी के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मकान किसी गुप्ता से संबंधित बताया जा रहा है, जहां ये अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। कार्रवाई की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और ज्वाइंट कमिश्नर विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की। यह छापेमारी कानपुर पुलिस की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसमें अवैध धन संचय, हवाला कारोबार और काला धन के नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पुलिस ने क्या बताया? एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि छापेमारी गुप्त सूचना पर आधारित थी। उन्होंने कहा, "हमने इस मकान में छापा मारा और चार आरोपियों को हिरासत में लिया। मौके से लगभग दो करोड़ रुपये कैश, 61 किलोग्राम चांदी और नेपाली करेंसी बरामद हुई है। जांच में पता चला है कि यह एक बड़ा गिरोह है, जिसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं। हम आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और उनके नेटवर्क, स्रोत, प्राप्तकर्ता तथा अन्य संदिग्ध ठिकानों की तलाश जारी है। जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें समय-समय पर सार्वजनिक किया जाएगा।" नेपाल तक फैला हो सकता है नेटवर्क यह कार्रवाई कानपुर में हवाला और अवैध लेन-देन के खिलाफ पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। ऐसे रैकेट न केवल अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आतंकवाद, तस्करी और अन्य अपराधों को फंडिंग भी प्रदान करते हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के जरिए देश-विदेश में अवैध धन का लेन-देन हो रहा था। नेपाली करेंसी की बरामदगी से संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क नेपाल तक फैला हुआ हो सकता है। बैंक खातों, मोबाइल डेटा, संपत्तियों जांच जारी पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा, संपत्तियों और सहयोगियों की गहन जांच कर रही है। इस सफलता से कानपुरवासियों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। अधिकारी बताते हैं कि आने वाले दिनों में और छापेमारी की जा सकती है, ताकि इस तरह के रैकेट को जड़ से खत्म किया जा सके। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की यह कार्रवाई एक मिसाल है कि कैसे सतर्कता और समन्वय से बड़े अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है। 1 min read

कानपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध आर्थिक गतिविधियों पर लगाम कसने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट ने एक...

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माइक्रोवेव में खाना गरम करने की एक छोटी सी बात से शुरू हुए विवाद पर अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी को...

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देवरिया। जनपद के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत परसिया मल्ल में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम चौपाल को संबोधित करते...

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देवरिया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने चिकित्साधिकारियों को सख्त निर्देश...

क्या है 'फ्रीज' बटन? इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय इसके लिए UPI और बैंकिंग ऐप्स में 'फ्रीज' या 'किल स्विच' बटन देने पर विचार कर रही है। इस एक बटन पर टैप करते ही यूजर्स के सभी बैंक और यूपीआई पेमेंट एक साथ फ्रीज हो जाएंगे। इस बटन को ग्राहकों के यूपीआई या बैंकिंग ऐप्स में दिया जा सकता है। विक्टिम को जब लगेगा कि उसके साथ फ्रॉड हो रहा है तो वो इस बटन को ऑन करके अपने सभी पेमेंट्स को एक साथ फ्रीज कर सकता है। इस तरह से लोगों के साथ बड़ा फ्रॉड नहीं हो सकेगा। इस बटन में पेमेंट रोकने के साथ-साथ फैमिली और बैंक से कॉन्टैक्ट करने का भी ऑप्शन होगा। इस बटन को दबाते ही बैंक को अलर्ट मिल जाएगा और रिस्की पेमेंट ट्रांसफर को रोकने में मदद मिलेगी। सरकार का मकसद इस बटन के जरिए एक अलर्ट सिस्टम डेवलपमेंट करने का है, जो लोगों के बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन को फ्रीज करने के साथ-साथ बैंक और फैमिली को भी अलर्ट करेगा। इसके अलावा सरकार इंश्योरेंस सेक्टर में हो रहे फ्रॉड को रोकने के लिए भी तैयारी कर रही है। फर्जी तरीके से इंश्योरेंस की राशि जारी करने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार अहम कदम उठा सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसे मामलों को निपटाने के लिए डिजिटल पेमेंट प्रोटेक्शन फंड का भी सुझाव दिया है। किसी भी फ्रॉड को एक सिस्टम वाइड रिस्क की तरह ट्रीट किया जाना चाहिए, न कि यूजर की गलती की तरह इसे देखना चाहिए। क्या है डिजिटल अरेस्ट? अगर, आपको डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के बारे में नहीं पता है तो बता दें कि इसमें हैकर्स आपको पुलिस, कस्टम, इनकम टैक्स आदि के अधिकारी बनकर बात करेंगे और आपको डराकर आपसे पैसे की डिमांड करते हैं। आपके नंबर पर फर्जी वीडियो कॉल आता है, जिसमें पुलिस या फिर अधिकारी की वर्दी में स्कैमर होते हैं और आपसे पैसे की मांग करते हैं। लोग डरकर हैकर्स की बात में आ जाते हैं और उनके साथ बड़ा फ्रॉड हो जाता है। यह फ्रीज बटन ऐसे पेमेंट को रोकने के साथ-साथ बैंक को अलर्ट करने का भी काम करेगा। 1 min read

क्या है 'फ्रीज' बटन? इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय इसके लिए UPI और बैंकिंग ऐप्स में 'फ्रीज'...

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