अमौसी जोन में मीटर बदलने के नाम पर खेल! 33 हजार रीडिंग वाला मीटर उतारकर लगाया कम रीडिंग वाला मीटर
1 min readपारा में उपभोक्ता के मीटर से छेड़छाड़ का आरोप, रीडिंग एजेंसी के कर्मचारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में; कम रीडिंग का बिल बनाकर विभाग को राजस्व नुकसान पहुंचाने की आशंका
मीटर नंबर M064903, मेकर नंबर 5961898 का मामला
लखनऊ। अमौसी जोन के पारा क्षेत्र में बिजली मीटर बदलने के नाम पर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मीटर विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ता के परिसर में लगा करीब 33 हजार यूनिट रीडिंग वाला मीटर उतरवा दिया और उसकी जगह कम रीडिंग वाला दूसरा मीटर लगवा दिया। इतना ही नहीं, रीडिंग एजेंसी के कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नए मीटर की कम रीडिंग के आधार पर उपभोक्ता का कम बिल तैयार कराया गया, जिससे बिजली विभाग को राजस्व नुकसान होने की आशंका है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 33 हजार यूनिट रीडिंग दर्ज करने वाले मीटर को किस आधार पर हटाया गया? क्या मीटर में कोई तकनीकी खराबी थी या फिर मीटर बदलने के पीछे कोई दूसरा कारण था? यदि मीटर खराब था तो उसकी जांच रिपोर्ट और लैब परीक्षण का रिकॉर्ड कहां है?
मीटर बदलने की प्रक्रिया पर उठे सवाल
मीटर नंबर M064903 और मेकर नंबर 5961898 के मामले में यह जांच का विषय है कि मीटर बदलने का आदेश किस अधिकारी ने जारी किया। पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग, एमआरआई रिपोर्ट, मीटर की सील की स्थिति और नए मीटर की शुरुआती रीडिंग का मिलान कराया गया या नहीं?
सवाल यह भी है कि रीडिंग एजेंसी के कर्मचारियों ने मीटर बदलने से पहले और बाद में कितनी रीडिंग दर्ज की? क्या मीटर बदलने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गई?
अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
मामले में मीटर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ रीडिंग एजेंसी के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी है। यदि पुराने मीटर में 33 हजार यूनिट रीडिंग दर्ज थी और नए मीटर की कम रीडिंग के आधार पर बिल तैयार किया गया, तो दोनों मीटरों की रीडिंग का मिलान कर वास्तविक खपत और राजस्व का आकलन किया जाना चाहिए।
अब सवाल अमौसी जोन के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता से है कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? क्या पुराने मीटर को सुरक्षित रखकर उसकी तकनीकी जांच होगी और दोषी पाए जाने वालों की जिम्मेदारी तय की जाएगी?
जांच के प्रमुख बिंदु: पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग, मीटर बदलने का आदेश, एमआरआई रिपोर्ट, मीटर बदलने की तारीख, नए मीटर की शुरुआती रीडिंग और संबंधित अवधि के बिलिंग रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।
