नौकरी, मानदेय, कैशलेश इलाज, यूपी चुनाव से पहले नए लाभार्थी समूह तैयार करने में जुटी योगी सरकार
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योगी सरकार यूपी में जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है। इसके लिए मेगा प्लान तैयार किया है। विपक्ष के पीडीए सहित नेरेटिव सेट करने की हर कोशिश का जवाब रोजगार, विकास और कानून-व्यवस्था के बूते देने की तैयारी है। एक लाख रोजगार के महाभियान, विभिन्न समूहों की मानदेय बढ़ोत्तरी और कैशलेस इलाज की सुविधा देकर नया लाभार्थी वर्ग तैयार किया जा रहा है। लाखों लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच देने के साथ ही मिशन-2027 के लिए वोट बैंक बढ़ाने पर पूरा फोकस है।
यूपी में 2014 से लगातार जीत के घोड़े पर सवार भाजपा का जोर लगातार अपना वोट बैंक बढ़ाने पर है। 2024 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो पार्टी को लगातार इस मुहिम में सफलता भी मिली है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार रोजगार और हिन्दुत्व की चासनी में पगे विकास मॉडल का नेरेटिव गढ़ने में जुटी है। चुनावी तिथियों के ऐलान में भले ही वक्त हो लेकिन सरकार पूरी तरह इलेक्शन मोड में है। जिलों में करोड़ों-अरबों की विकास योजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास के साथ ही सरकार ने हाल ही में मिशन एक लाख रोजगार शुरू किया है। इसे विभागवार अलग-अलग समूहों में बांटकर आयोजित किया जा रहा है, ताकि यह श्रृंखला लंबी चल सके और चुनाव तक इसकी गूंज को बरकरार रखा जा सके।
इससे पहले मिडडे मील योजना से जुड़े साढ़े तीन लाख से अधिक रसोइयों का मानदेय 2000 से बढ़ाकर 3000 रुपये करने के साथ ही कैशलेश इलाज की सुविधा भी सरकार दे चुकी है। इसी महीने अयोध्या में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 9 हजार किए जाने की घोषणा की जा चुकी है। सहायिकाओं का भी मानदेय बढ़ाया जा रहा है। इनकी कुल संख्या तकरीबन 3.30 लाख है।
टैट पास करने की अनिवार्यता के चलते नाराज चल रहे शिक्षकों के एक बड़े समूह के लिए योगी सरकार स्पेशल टैट परीक्षा कराने जा रही है। इसमें उन शिक्षकों को मौका देने की तैयारी है, जिन्हें यूपीटैट और सीटैट परीक्षा में सफलता नहीं मिल पाई है। सभी शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की घोषणा योगी सरकार पहले ही कर चुकी है।
इसके अलावा एनएचएम के जरिए रखे जाने वाले डॉक्टरों और सेवा बांड के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती पाने वाले डॉक्टरों का भी मानदेय बढ़ाने की तैयारी है। इसके अलावा वृद्धावस्था, निराश्रित और दिव्यांगजन पेंशन को एक हजार से बढ़ाकर 1500 किए जाने की घोषणा बजट सत्र में कर चुकी है। यह लाभार्थी समूह तकरीबन सवा करोड़ लोगों का है।
