‘बनाएंगे अपनी टीम, जीतेंगे लोगों का भरोसा’; राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO जीतेंद्र मिश्रा ने गिनाईं प्राथमिकताएं
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अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने अपनी नियुक्ति पर जहां ट्रस्ट कमेटी का इस बात के लिए आभार जताया है कि उन्हें इस पद के लायक समझा, वहां उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वह अपने कार्यकाल के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट में लोगों का भरोसा वापस लाएंगे और उसका विस्तार करेंगे। ट्रस्ट की CEO बनाए जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में मिश्रा ने कहा कि वह अपनी नई टीम बनाएंगे और लोगों का भरोसी जीतेंगे।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट कमेटी ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें इस अहम पद पर नियुक्त किया, इसके लिए वे “बेहद खुश हैं और ट्रस्ट के आभारी” हैं। अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि वे ट्रस्ट के कामकाज को बेहतर बनाने और मंदिर से जुड़ी प्रक्रियाओं के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने पर फोकस करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे राम मंदिर प्रोजेक्ट में कथित हेराफेरी से जुड़े विवाद के राजनीतिक पहलुओं से दूर रहना पसंद करेंगे।
राजनीतिक विवाद से रहेंगे दूर: मिश्रा
CNN न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि डिफेंस बैकग्राउंड से होने के कारण, वे इसके राजनीतिक पहलुओं में शामिल नहीं होना चाहेंगे और इसके बजाय आगे की जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उनका फोकस ट्रस्ट के कामकाज और जमीनी स्तर पर जरूरत वाले मुद्दों को सुलझाने पर होगा। इसके साथ ही नए सीईओ ने कहा कि मंदिर से जुड़ी प्रक्रियाओं के दौरान जो कुछ भी छोटी-मोटी कमियां रही हैं, उन कमियों को दूर करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
बनाएंगे अपनी टीम, जीतेंगे भरोसा
मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट सीईओ का पदभार औपचारिक रूप से संभालने के बाद अपनी टीम बनाएंगे और ट्रस्ट के कामकाज को मज़बूत करने का काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि वे विवाद के दौरान सामने आए मुद्दों को सुलझाने की दिशा में भी काम करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका मुख्य मकसद राम मंदिर ट्रस्ट में लोगों का फिर से भरोसा कायम कराना और उसे मज़बूत करना होगा। बता दें कि मिश्रा की नियुक्ति मंदिर ट्रस्ट में ऐसे वक्त पर हुई है, जब ट्रस्ट का प्रबंधन चंदा चोरी के आरोप झेल रहा है। दूसरी तरफ, अगले साल यूपी में चुनाव होने हैं। दरअसल, राम मंदिर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और भावनात्मक रूप से एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त हुए
बता दें कि श्रीराम जन्म भूमि तीर्थक्षेत्र न्यास ने बुधवार (2 सितंबर) को हुई बैठक में तीन नए न्यासियों की नियुक्ति भी की है, जिसमें हिंदू संस्कृति और विरासत के संरक्षण संवर्धन के काम से जुड़े दिल्ली के 68 वर्षीय व्यवसायी, लेखक और समाजसेवी महेश भागचंदका भी शामिल हैं। उन्हें न्यास के कोषाध्यक्ष का दायित्व दिया गया है। उनके अलावा नए सदस्यों में अयोध्या निवासी अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिक्षाविद् और डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ. निर्मला यादव भी शामिल हैं।
