चंपत राय से क्या हुई गलती? राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया
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राम मंदिर में चंदे की हेराफेरी के आरोपों के बाद ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय को लेकर अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए साफ कहा है कि वे कोई अपराधी नहीं हैं, बल्कि उनसे बस अपनों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने की ‘लापरवाही’ हुई है। राम मंदिर ट्रस्ट ने सोमवार को चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया है।
“चंपत राय बेदाग हैं, बस अपनों पर अंधा भरोसा भारी पड़ा”
स्वामी गोविंद देव गिरी ने चंपत राय के साथ अपने दशकों पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए उनके किरदार पर भरोसा जताया।
उन्होंने कहा, “मैं चंपत राय जी को पिछले 32 सालों से जानता हूं। उनकी इकलौती गलती यह थी कि उन्होंने अपने करीबियों पर बहुत ज्यादा भरोसा कर लिया। जब कोई राम जन्मभूमि आंदोलन के बारे में जानता तक नहीं था, तब से वे यहां रहकर इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे थे। हम उनका बेहद सम्मान करते हैं। लेकिन यह समझ से परे है कि वे ऐसे गलत लोगों को इतने सालों तक अपने साथ कैसे रखे रहे और उनके खिलाफ रची जा रही साजिशों को भांप नहीं पाए। मेरी नजर में वे बिल्कुल बेदाग हैं। वे अपराधी नहीं हैं, हां उनसे लापरवाही की एक चूक जरूर हुई है।”
क्यों स्वीकार करना पड़ा इस्तीफा?
चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर स्थिति साफ करते हुए स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि एक बार जब इस्तीफा दे दिया गया, तो उसे स्वीकार करने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं था। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने बड़े दिल का परिचय देते हुए खुद यह फैसला लिया था।
ट्रस्ट ने आंदोलन की शुरुआत से लेकर अब तक मंदिर निर्माण के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक कामों का सम्मान करते हुए ही उनका इस्तीफा मंजूर किया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आगे की व्यवस्था संभालने के लिए फिलहाल श्री कृष्ण मोहन जी को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
“2800 कीमती चीजें बिल्कुल सुरक्षित, ये रहा रजिस्टर”
चंदे के अलावा मंदिर को मिले सोने, चांदी और अन्य कीमती सामानों के गायब होने के आरोपों पर कोषाध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मीडिया के सामने रिकॉर्ड बुक पेश करते हुए कहा कि विपक्ष और सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।
गोविंद गिरी ने कहा, “ट्रस्ट के पास ऐसे 2800 कीमती सामानों का पूरा रजिस्टर है और एक-एक चीज पूरी तरह सुरक्षित है। जिन 5 खास चीजों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही थी, उन्हें तो वे सिर्फ एक ‘सैंपल’ के तौर पर दिखाने के लिए साथ लाए हैं।”
उन्होंने कहा कि आगे चलकर ऐसी कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए एक छोटी कमेटी बनाई गई है, जो नए अधिकारियों की नियुक्ति करेगी।
22 तारीख को बड़ी बैठक, SIT की रिपोर्ट का इंतजार
स्वामी गोविंद देव गिरी ने साफ शब्दों में कहा, “चोरी तो चोरी ही होती है और इस मामले की जांच SIT कर रही है, जो प्रशासन की जिम्मेदारी है। हमारी भी यही मांग है कि इस कांड के पीछे जो भी लोग हैं- चाहे वे सामने हों या कहीं छिपे बैठे हों- उन्हें पकड़कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।”
उन्होंने बताया कि आगामी 22 तारीख को ट्रस्ट की एक और अहम बैठक होने जा रही है। उम्मीद है कि तब तक SIT की फाइनल रिपोर्ट भी आ जाएगी। 22 तारीख की इस बैठक में उस रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी और मंदिर के कामकाज को बेहतर ढंग से चलाने के लिए कुछ नए ट्रस्टी भी नियुक्त किए जा सकते हैं।
