लखनऊ के बड़े होटलों पर LDA का डंडा, होटल रेनेसां, नोवोटेल और सैवी ग्रैंड में मिलीं भारी गड़बड़ियां, बेसमेंट सील करने के निर्देश…
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाले बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और नामी होटलों के खिलाफ प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। दिल्ली में हुए हालिया अग्निकांड से सबक लेते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न जोनों में एक बड़ा ‘ज्वाइंट सर्वे’ चलाया। इस सर्वे की रिपोर्ट मंगलवार को प्राधिकरण भवन के पारिजात सभागार में आयोजित प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा बैठक में मण्डलायुक्त/एलडीए अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के सामने रखी गई, जिसके बाद शहर के कई रसूखदार होटल मालिकों में हड़कंप मच गया है।
होटल रेनेसां और नोवोटेल में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बैठक में बताया कि विशेष चेकिंग अभियान के तहत कुल 122 होटलों, गेस्ट हाउसों, मैरिज लॉनों और बैन्क्वेट हॉलों का गहन निरीक्षण किया गया। संयुक्त टीम की रिपोर्ट में गोमती नगर स्थित नामी होटल रेनेसां में सबसे गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। होटल के स्वीकृत मानचित्र (मैप) के अनुसार 16वें तल पर जहां खुली छत दर्शाई गई थी, वहां अवैध रूप से ‘स्काई बार’ संचालित होता मिला। इतना ही नहीं, होटल प्रबंधन को लीज पर दी गई ग्रीन बेल्ट की जमीन के नीचे भी अवैध रूप से बेसमेंट का निर्माण पाया गया।
इसी तरह, होटल नोवोटेल की बेसमेंट पार्किंग में नियम विरुद्ध तरीके से बेकरी, लॉन्ड्री और स्टाफ रूम संचालित होता पाया गया। होटल सैवी ग्रैंड और आशियाना स्थित होटल पिनैकल के बेसमेंट में भी पार्किंग की जगह पर अवैध रूप से बैन्क्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलती मिलीं। इसके अलावा होटल लीनेज में भी कई गड़बड़ियां उजागर हुई हैं।
मण्डलायुक्त का सख्त आदेश: परिसर होंगे सील, दोषी अफसरों पर भी गिरेगी गाज
इन गंभीर खामियों को देखने के बाद मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी किया जाए और वहां चल रही अवैध गतिविधियों को तुरंत रोका जाए। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर भवन मालिक नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो परिसर को नियमानुसार सील कर दिया जाए।
एक बड़े कदम के तहत मण्डलायुक्त ने उन एलडीए अधिकारियों की भी जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने इन अवैध निर्माणों के बावजूद भवनों को ‘पूर्णता प्रमाण पत्र’ जारी किया था। इसके साथ ही अब लखनऊ के सभी होटलों, कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर क्लासेस, अस्पतालों और जिमों की एक व्यापक सूची तैयार की जा रही है, जहां बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, ताकि सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू कराया जा सके।
