यूपी के इन 17 शहरों में कॉरपोरेट की तरह होंगा नगर निगम का ऑफिस, ऐसी सुविधा भी
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UP News:योगी सरकार शहरों में हाउस टैक्स, वाटर टैक्स व सीवर टैक्स जमा करने की सुविधा और बेहतर करने जा रही है। बड़े शहरों में इसके लिए कारपोरेट की तरह नगर निगम भवन बनाए जाएंगे। पहले चरण में चार लखनऊ, गाजियाबाद, मुरादाबाद व वाराणसी में इन भवनों को बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य 13 शहरों में भी इसी तरह कार्यालय भवन बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराने की प्रकिया शुरू कर दी गई है।
प्रदेश में मौजूदा समय 17 नगर निगम हैं। अयोध्या, अलीगढ़, आगरा, कानपुर, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, प्रयागराज, फिरोजाबाद, बरेली, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, शाहजहांपुर और सहारनपुर में कारपोरेट की तर्ज पर आधुनिक कार्यालय बनाए जाने हैं। पहले चरण में चार शहरों लखनऊ, गाजियाबाद, मुरादाबाद और वाराणसी में इसे बनाने का काम शुरू किया गया है। अन्य शहरों से इसी तरह के भवन बनाने का प्रस्ताव मांगा गया है, जिससे आधुनिक सुविधाओं वाला कार्यालय भवन देने के साथ ही लोगों को एक साथ ही सभी तरह के टैक्स जमा करने की सुविधा मिल सके। इसके लिए शहर के मुख्य स्थानों पर जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।
नगर निगम के नए भवनों को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के साथ ही वाईफाई की सुविधा दी जाएगी। इसमें सभी तरह के काम ऑनलाइन किए जाएंगे। संबंधित शहर में जितने भी नगर निगम के जोनल कार्यालय होंगे, उसे इस मुख्य भवन से जोड़ा जाएगा, जिससे लोग यदि चाहें तों यहीं पर अपना टैक्स जमा कर सकेंगे। इसमें एक बेहतर कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। इसका एक टोल फ्री नंबर भी होगा। इसके माध्यम से शहर की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। नगर विकास विभाग ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसी सुविधाएं दी जाएं, जिससे लोगों को किसी तरह की असुविधा न होने पाए।
