अमेरिका, रूस और चीन की दुनिया पर हावी होने की होड़ कहां तक जाएगी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेज़ुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद घोषणा करते हुए कहा, “पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी दबदबे पर अब कभी सवाल नहीं उठाया जाएगा.”
जैसे ट्रंप अमेरिका की ताक़त का दावा कर रहे हैं. वहीं चीन और रूस अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों को मज़बूत करने और उनका विस्तार करने की अपनी कोशिश जारी रखे हुए हैं.
कई विश्लेषकों का कहना है कि ये तीनों ही देश एक नई वैश्विक व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका असर यूरोप और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों पर भी पड़ेगा.
इस कहानी में हम जानने की कोशिश करेंगे कि अमेरिका, चीन और रूस किस तरह से न केवल पड़ोसी देशों बल्कि दूर के देशों को भी प्रभावित करने के लिए सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

एंथनी ज़र्चर
नॉर्थ अमेरिका, संवाददाता, बीबीसी
ट्रंप प्रशासन के दौर में अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध पर ख़ास ध्यान देते हुए अपनी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों को फिर से परिभाषित और नए सिरे से तैयार करने में लगा हुआ है.
