UP SIR: वोटर लिस्ट से नाम कटा तो उम्र के हिसाब से लगेंगे दस्तावेज; इन 3 श्रेणियों को जानें
1 min read
यूपी की मददाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने और नाम कटने के बाद फिर से जुड़वाने के लिए फॉर्म के साथ दस्तावेज देना होगा। आयु के मुताबिक मतदाताओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उसके अनुसार इन्हें अलग-अलग सिर्फ अपना, अपना व पिता और अपना व माता-पिता तीनों के दस्तावेज देने होंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा का कहना है कि लोगों को सुनवाई के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा। समय की कोई दिक्कत नहीं है। वह दस्तावेज ढंग से जमा करें और अपना नाम मतदाता सूची से जुड़वाएं। यूपी में 27 अक्तूबर 2025 तक मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे। एसआईआर की प्रक्रिया में 2.89 करोड़ लोगों के नाम मृत, स्थानांतरित व अनुपस्थित मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। अब 12.55 करोड़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। जिसमें पहले चरण में 1.04 करोड़ लोगों के नाम का मिलान अपने माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी के नाम से वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है।
दूसरे चरण में 2.50 करोड़ लोग ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने मिलान के लिए अपने फॉर्म पर गलत पिता का नाम या फिर मिलते-जुलते नाम से फॉर्म भर दिया है। अब इन्हें नोटिस भेजी जा रही है। एक जुलाई 1987 से पहले जिनका जन्म हुआ है, उन्हें सिर्फ अपना दस्तावेज जमा करना है। जिसमें मार्कशीट, पासपोर्ट व जन्म प्रमाण पत्र सहित 13 प्रमाण पत्र हैं।
वहीं एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 से पहले जिन लोगों का जन्म हुआ है, उन्हें अपने साथ-साथ पिता का भी दस्तावेज देना होगा। वहीं दो दिसंबर 2004 के बाद जिन लोगों का जन्म हुआ है, उनको अपने साथ माता और पिता यानी तीन-तीन लोगों के दस्तावेज जमा करने होंगे।
