विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR ) को लेकर अखिलेश यादव का सरकार पर वार
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लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर सवाल उठाते नज़र आ रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री का कहना है कि केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा विधान सभा की वोटर लिस्ट और राज्य चुनाव आयोग द्वारा पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट का एसआइआर कराया है, लेकिन आश्चर्य कि बात तो यह है कि विधान सभा मतदाता सूची में वोटरो की संख्या 2.89 करोड़ कम होकर 12.56 करोड़ ही रह गई है। वही पंचायत चुनाव की मतदाता सूची कि बात करें तो ग्रामीण वोटर की संख्या 40 लाख बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है। सपा सुप्रीमो ने कहा कि अब इस सवाल का जवाब तो चुनाव आयोग ही दे सकता है कि दोनों में कौन सा एसआइआर सही है, क्योंकि दोनों आंकड़े एक साथ सही नहीं हो सकते।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एसआइआर और वोट लूट का समीकरण स्पष्ट हो गया है अखिलेश यादव ने आशा बहुओं को लेकर भी सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि सरकार ने आशा वर्कर्स से किया गया वादा भी पूरा नहीं किया, इसी कारण उनके बीच निराशा और गुस्सा फैला हुआ है पिछले कुछ वर्षों में बेकारी-बेरोजगारी इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि उनके घरों में कोई काम करने वाला नहीं है। सरकार जब से सत्ता में आई है, तब से लगातार लोगों को अपमानित कर रही है। किसानों को खाद और बीज के साथ साथ फसलों का उचित मूल्य भी नहीं मिल पा रहा । बिचौलिए किसानों की फसलों की लूट कर रहे हैं। किसान से लेकर आशा तक सभी लोग सरकार की वादाखिलाफी, झूठ और लूट से परेशान हैं।
