रूल ऑफ माफिया नहीं अब है रूल ऑफ लॉ…RMLNLU के दीक्षांत समारोह में गरजे योगी
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, आरएमएलएनएलयू के 5वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी मौजूद रहे। इस समारोह के दौरान मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और करीब 260 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि 2017 से पहले यूपी में रूल ऑफ माफिया था। हमले रूल ऑफ लॉ लागू किया। साथ ही सीएम योगी ने छात्रों को अनुशासन में रहने, सीखने की ललक बनाए रखने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी में 2017 से पहले रूल ऑफ माफिया था। यूपी एब रूल ऑफ माफिया से मुक्त हुआ है और हमले रूल ऑफ लॉ लागू किया है। वर्ष 2017 से पहले कानून-व्यवस्था और निवेश को लेकर संदेह रहता था। माफिया से विकास बाधित था। सरकार ने कानून का शासन स्थापित कर प्रदेश की छवि बदली है। कोई व्यक्ति या पद संविधान से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से कहा कि अन्याय सामने हो तो चुप रहना विकल्प नहीं है। फैसला इतिहास सुनाएगा, लेकिन बहस आपको करनी है।
सीएम योगी ने कहा कि 15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 के साथ 25 जून 1975 भी लोकतंत्र की महत्वपूर्ण तारीख है। आपातकाल ने ‘रूल ऑफ लॉ’ और ‘रूलर ऑफ लॉ’ का अंतर समझाया। न्यायमूर्ति एचआर खन्ना की असहमति का उल्लेख करते हुए कहा कि सिद्धांतों के पक्ष में लिया निर्णय इतिहास में स्थान बनाता है। युवा अधिवक्ताओं को संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए। सीएम योगी ने विद्यार्थियों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने, जड़ों से जुड़े रहने और निरंतर अध्ययन की सीख दी। कहा कि गांवों में जमीन और पारिवारिक विवादों के समाधान में योगदान दें। गलत काम का दबाव आए तो सिद्धांतों से समझौता न करें।
राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय का पांचवां दीक्षांत समारोह शनिवार को सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित आंबेडकर ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह में 260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गई। इस वर्ष पदक हासिल करने में छात्राओं ने बाजी मारी है, कुल 20 पदकों में से 13 पर छात्राओं ने कब्जा किया है। जबकि सात पदक छात्रों के हिस्से में आए।
बीए एलएलबी (ऑनर्स) में तेजस्विनी कौशल स्वर्ण, ईशा अग्रवाल रजत और निशा वर्मा कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं, एलएलएम में रूपल जायसवाल को स्वर्ण, चित्रा सिंह को रजत और सौम्या गिरी को कांस्य पदक प्रदान किया गया। बौद्धिक संपदा अधिकार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में भी स्वर्ण और कांस्य पदक छात्राओं के नाम रहें।
