‘बीजेपी-आरएलडी के साथ हैं गुर्जर और जाट’, किसान स्वाभिमान रैली से उड़ी सपा-कांग्रेस की नींद?
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा के मद्देनजर बीजेपी के साथ-साथ उसकी सहयोगी पार्टियों ने भी पूरी ताकत झोंकना शुरू कर दिया है। यूपी में भाजपा की सहयोगी आरएलडी ने जाट-गुर्जर समीकरण को साधने के लिए सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में जो किसान स्वाभिमान रैली की थी उसकी सफलता ने विरोधियों की नींद जरूर उड़ा दीहै। रालोद की इस रैली को अपार जनसमर्थन मिला जिसने विपक्ष की नींद जरूर उड़ा दी है।
आरएलडी की इस रैली से एक दिन पहले ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी सहारनपुर में अपनी 6 सितंबर को प्रस्तावित रैली का जायजा लेने के लिए आए थे, लेकिन किसी कारणवश यह रैली रद्द हो गई और इसका फायदा कहीं न कहीं रालोद को मिला।
‘बीजेपी को वेस्ट यूपी में मिल गई ताकत’
बता दें कि रालोद की मेन पकड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसका जाट और मुस्लिम समीकरण है जो बीजेपी के साथ उसके गठबंधन से पहले सपा और कांग्रेस के साथ था, लेकिन अब रालोद के भाजपा के साथ होने से पहले वोट बैंक उसके हाथ से छिटक गया है। जयंत चौधरी का सपा के साथ गठबंधन होने से यह ताकत भाजपा को मिल गई है।
सांसद चंदन चौहान के साथ हैं सहारनपुर के गुर्जर?
ऐसी समीकरणों के बारे में बात करते हुए सहारनपुर के किसान और पद्मश्री से सम्मानित चौधरी सेठपाल सिंह गुर्जर ने बताया है कि वेस्ट यूपी में गुर्जर नेता के रूप में जो स्थिति पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की हुआ करती थी उस स्थिति में आज सांसद चंदन चौहान राष्ट्रीय महासचिव की है।
उन्होंने बताया कि किसानों और ग्रामीणों की विशाल सभा में 80 फीसदी हिस्सेदारी सहारनपुर मंडल और आसपास की गुर्जर बिरादरी की थी। इसका पूरा श्रेय चंदन चौहान को जाता है जिन्होंने एक पखवाड़े के दौरान सुदूर गांवों में भी दिन-रात रैली आयोजित की।
‘बीजेपी-आरएलडी के साथ हैं गुर्जर और जाट’
चौधरी सेठपाल का कहना था कि सांसद चंदन चौहान सहज, सरल और मिलनसार युवा नेता हैं। उनके पिता संजय चौहान और बाबा चौधरी नारायण सिंह पूर्व उपमुख्यमंत्री का पश्चिम के गुर्जरों में बहुत ही सम्मानित स्थान रहा है। उसी परंपरा को लेकर आज चंदन चौहान किसानों के बीच खड़े हैं। सेठपाल सिंह गुर्जर ने आगे कहा कि भाजपा और रालोद का गठबंधन होने से गुर्जर और जाट बिरादरी का बड़ा हिस्सा उन्हीं को जाएगा। वहीं उन्होंने सपा-कांग्रेस को इसका घाटा होने का भी दावा किया।
‘इस रैली से जयंत के हाथ हुए मजबूत’
आरएलडी की किसान स्वाभिमान रैली को लेकर प्रमुख राजनीतिक विश्लेषक महाराज सिंह पोस्ट ग्रेजुएट कालेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डा. योगेश कुमार गुप्ता ने कहा कि सपा से अलग होने के बाद रालोद के जनाधार में जो खालीपन आया था वह इस रैली से भरा है। उनका मानना है कि इस रैली से जयंत चौधरी के हाथ मजबूत ही हुए हैं।
