यूपी में बनेंगे फार्मा और डिवाइस पार्क; योगी बोले- 10 साल पहले सिर्फ 17 मेडिकल कॉलेज, अब 81 हुए
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यूपी में मरीजों को बेहतर और किफायती दर पर इलाज मिलेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार मेडिकल डिवाइस और फार्मा पार्क विकसित कर रही है। इस दिशा में प्रयास तेज चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में इलाज से जुड़े उपकरणों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए डिवाइस पार्क तैयार की जा रही है। आईआईटी के इंजीनियर व डॉक्टर शोध के बाद डिवाइस तैयार करेंगे। उसके बाद डिवाइस का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार दवाओं के लिए फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें दवाओं पर काम होगा। इससे इलाज सस्ता व सुलभ बनाया जा रहा है।
सीएम योगी शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल 2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। 10 साल पहले यूपी में 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे। मौजूदा समय में केंद्र व राज्य सरकार के 81 मेडिकल कॉलेज, दो एम्स का संचालन किया जा रहा है। हर जिले में आईसीयू का निर्माण किया है। बहुत से अस्पतालों को कैथलैब से लैस किया गया है। निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल का निर्माण किया जा रहा है। लखनऊ में पीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान में टेली आईसीयू व टेली कन्सल्टेंशी की सुविधाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी अब बीमारू राज्यों से बाहर आ गया है। 2025 में मैंने मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से राज्य के लोगों को इलाज के लिए 1400 करोड़ रुपए फंड से दिए। इसके अलावा लोगों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से भी 5 लाख रुपए की सहायता मिल रही है। जिनको इनसे लाभ नहीं मिला, उन्हें सीएम जन आरोग्य योजना से लाभान्वित किया। यूपी में पहले 17 मेडिकल कॉलेज थे। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर 81 मेडिकल कॉलेज बनवा दिए। SGPGI और KGMU में टेलीमेडिसिन के साथ टेली ICU की भी सुविधा शुरू कर दी गई है। टेली ICU वर्चुअल ICU की व्यवस्था है।
सीएम ने कहा कि स्वतंत्रता के 100 साल पूरे होने पर जब हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं, तब बीमारू भारत के साथ हम सशक्त भारत का सपना नहीं देख सकते हैं। किडनी खराब होने पर डायलिसिस से व्यक्ति चल सकता है, पर अगर हार्ट ब्लॉक होता है, उसके साथ दूसरे लोक की यात्रा प्रारंभ हो जाती है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मेरा मानना है कि बचाव के पक्ष पर ज्यादा ध्यान देकर अवेयरनेस पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। जिस तेजी के साथ ऐसी बीमारियों का फैलाव हुआ है, ये हम सबके लिए चिंता का विषय है।
ऐसा नहीं है कि सरकार की तरफ से प्रयास नहीं हुए हैं। पहले ऐसी बीमारी की चपेट में परिवार का कोई सदस्य आता था, सबसे पहले चिंता होती थी कि इलाज का खर्चा कैसे जुटाया जाएगा, पर आज दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम भारत मे चल रही है। इससे लोगों को खर्चे की चिंता नहीं हो रही है।
