बांग्लादेशः तारिक़ रहमान और शेख़ हसीना के बीच कैसे संतुलन साधेगा भारत?
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अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए तख़्तापलट के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में बहुत कुछ बदल चुका है.
दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ़ ठंडे ही नहीं पड़े हैं बल्कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों जैसे कई मुद्दों पर तल्ख़ी भी दिखी.
लेकिन अब आम चुनावों के बाद बांग्लादेश की राजनीतिक तस्वीर बदल गई है. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन ने दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया है.
छात्र आंदोलन के बाद देश की बागडोर संभाल रही जमात-ए-इस्लामी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. जबकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवामी लीग पार्टी को चुनावों में हिस्सा नहीं लेने दिया गया.
बीएनपी के चेयरमैन और पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के बेटे तारिक़ रहमान अब देश के नए प्रधानमंत्री होंगे.
तेरह फ़रवरी की सुबह जैसे ही बांग्लादेश के चुनावी नतीजों की तस्वीर साफ़ हुई, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक़ रहमान के लिए बधाई संदेश लिखा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक़ रहमान को संबोधित करते हुए कहा, “यह जीत बांग्लादेश की जनता के आपके नेतृत्व पर जताए गए भरोसे को दिखाती है.”
