पुलवामा हमले की पहली बरसी पर राहुल गांधी ने सरकार से पूछा- किसको हुआ ज्यादा फायदा और जांच में क्या निकला

पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए जैश-ए-मुहम्मद (जैश) के आत्मघाती हमलावर ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हमला किया था और इस आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। आज देशभर में लोग जहां शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके सरकार पर हमला बोला है और उनसे तीन सवाल पूछे हैं।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि आज हम पुलवामा के 40 शहीदों को याद कर रहे हैं, तब हमें यह पूछना चाहिए…

1. इस आतंकी हमले से सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ?

2. पुलवामा आतंकी हमले की हुई जांच में क्या निकला?

3. बीजेपी सरकार में सुरक्षा में चूक के लिए किसकी जवाबदेही तय हुई?
क्या हुआ था 14 फरवरी 2019 को

जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ का काफिला गुजर रहा था। सामान्य दिन की तरह ही उस दिन भी सीआरपीएफ के वाहनों का काफिला अपनी धुन में जा रहा था। तभी तभी एक कार ने सड़क की दूसरी तरफ से आकर इस काफिले के साथ चल रहे वाहन में टक्‍कर मार दी। इसके साथ ही एक जबरदस्‍त धमाका हुआ। यह आत्मघाती हमला इतना बड़ा था कि मौके पर ही सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे।

पुलवामा हमले के एक साल बाद भी आतंकी हमलों की चुनौतियां सुरक्षा एजेसियों के लिए कम नहीं हुई हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान की ओर से बड़े हमलों को अंजाम देने की साजिश के मकसद से घुसपैठ कराई जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के निर्देशन में सभी खुफिया एजेंसियां तालमेल के साथ सुरक्षा बलों से इनपुट साझा कर रही हैं। अमेरिका, फ्रांस सहित कई अन्य देशों से लगातार खुफिया इनपुट साझा किया जा रहा है। पुलवामा हमले में संभावित चूक को लेकर कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। लेकिन जांच के तथ्यों के आधार पर काफी काम किया गया है जिससे पुलवामा जैसी घटना दोहराई न जा सके। अब सुरक्षा एजेंसी काफी चौकस हो गई है।

इस हमले से दुश्मनों को खत्म करने का संकल्प और मजबूत हुआ है। यही वजह है कि जवान अब आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अतिरिक्त जोश के साथ लड़ते हैं। सीआरपीएफ ने सबक लेते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति भी बदली है जिसके असर दिख रहे हैं।

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