सरकार बनाने पर महाराष्ट्र से दिल्ली तक मंथन, फडणवीस बोले- जल्द बनेगी सरकार

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर सोमवार को प्रदेश और दिल्ली में दिनभर बैठकों का दौर चला और आगे की रणनीति पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले भाजपा अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उसके बाद वह पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव और नितिन गडकरी से भी मिले।

वहीं, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर मौजूदा हालात पर चर्चा की। उधर, शिवसेना के नेताओं ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिलकर अपना रुख साफ किया।
शिवसेना के साथ फिलहाल सुलह का कोई रास्ता निकलता न देख मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिल्ली पहुंचकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सामने सारी स्थितियों का ब्योरा रखा। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने करीब आधा घंटे की मुलाकात में मौजूदा सियासी समीकरणों व विकल्पों पर विचार किया। इसके बाद वह महाराष्ट्र चुनाव के प्रभारी रहे भाजपा के महासचिव भूपेंद्र यादव से से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। बाद में उन्हेंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य में सरकार के गठन को लेकर चर्चा की।

जोड़-तोड़ के पक्ष में नहीं भाजपा
राज्य में भाजपा के पास अपने 105 विधायकों के साथ 120 विधायकों का समर्थन हैं। बहुमत के लिए उसे 25 और विधायकों का समर्थन चाहिए। पार्टी का कहना है कि वह सरकार बनाने के लिए किसी दल में जोड़-तोड़ के पक्ष में नहीं है। वह जनादेश का सम्मान करेगी, जो शिवसेना के साथ गठबंधन में मिला है।

कांग्रेस-एनसीपी के रुख पर नजर
सूत्रों के अनुसार, भाजपा की नजर एनसीपी और कांग्रेस के रुख पर भी है। पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि अगर शिवसेना इन दोंनों दलों के साथ जाती है तो यह प्रदेश की राजनीति में नए मोड़ के साथ अस्थिरता को भी लाएगा। शिवसेना को भी यह बात स्वीकार करनी चाहिए। फिलहाल दोनों दल अपने शुभ चिंतकों के जरिए संवाद कर रहे हैं और जब कोई स्पष्ट स्थिति होगी तो पहले राज्य स्तर पर और बाद केंद्रीय नेता चर्चा में शामिल होंगे।

कोट
महाराष्ट्र में जल्द से जल्द सरकार बनाने की जरूरत है। मुझे भरोसा है कि सरकार जल्दी बनेगी।
…देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री

जनता ने भाजपा-शिवसेना को सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है, उन्हें इसकी पहल करनी चाहिए। आगे क्या समीकरण बनेंगे, अभी कुछ कह नहीं सकते।
…शरद पवार, एनसीपी प्रमुख

सरकार के गठन में देरी के लिए शिवसेना जिम्मेदार नहीं है। जिसके पास भी बहुमत है, उसे सरकार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
…संजय राउत, शिवसेना सांसद

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