पटाखा फोड़ने से मना किया तो दबंगों ने कर दी किसान की हत्या

दिवाली पर अपने दरवाजे पर पटाखा जलाने का विरोध करने पर कुछ लोगों ने पिता-पुत्र को लाठी डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। जिसके बाद आगरा में इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई जबकि पुत्र जिंदगी मौत से जूझ रहा है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के तीन दिन बाद भी आरोपितों को नहीं पकड़ सकी है। मरने वाला युवक किसान था।

जसवंतनगर के गांव हरकूपुर में सोमवार की शाम को कुछ लोग किसान शिशुपाल सिंह के दरवाजे पर पटाखे फोड़ रहे थे। उन्होंने विरोध करके सबको भगा दिया। रात को 8:30 बजे आधा दर्जन फिर वहां पहुंचे और आतिशबाजी जलाने लगे। शिशुपाल ने विरोध किया तो लोगों ने पथराव कर दिया। पथराव को देखकर बेटा भानु प्रताप उर्फ गोलू उन्हें बचाने के लिए बाहर आया तो उस पर भी पथराव किया गया। इसके बाद घायल पिता पुत्र को हमलावरों ने लाठी डंडों से जमकर पीटा। गांव वाले जब तक उनकी मदद को पहुंचते तबतक हमलावर भाग निकले। आनन फानन में दोनों को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी ले जाया गया। लेकिन हालत गंभीर होने पर दोनों को आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इलाज के दौरान शिशुपाल सिंह की बुधवार को मौत हो गई, जबकि भानू जिंदगी मौत से जूझ रहा है। हमले के बाद शिशुपाल के भाई रविंद्र सिंह ने गांव के ही अजय उर्फ कन्हैया, अतुल, अर्पित, आदित्य, विपिन, गजाधर विनोद, ऋषभ, गिरेंद्र व अवनीश के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पर अभी तक पुलिस आरोपितों तक नहीं पहुंच सकी। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि शिशुपाल की मौत की जानकारी हुई है, मुकदमे में धारा बढ़ाई जाएगी। साथ ही आरोपितों की गिरफ्तारी को भी छापेमारी की जा रही है। आरोपितों के घरों में ताले लगे हुए हैं।

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