पोस्टमार्टम रिपोर्ट : कमलेश तिवारी के जबड़े से लेकर छाती के बीच 15 बार चाकुओं से किया था हमला

लखनऊ में हई हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हत्यारों ने कमलेश तिवारी की बड़ी बेरहमी से हत्या की गई थी। कमलेश तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनपर 15 बार चाकुओं से हमला किया गया था और उसके बाद गोली मारी गई थी जो कि शरीर के अंदर ही फंसी रह गई थी। खास बात है कि चाकुओं के सभी 15 वार सिर्फ जबड़े से लेकर छाती के बीच में 10 सेंटीमीटर के भीतर किया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, चाकू के हमलों से कमलेश तिवारी के सीने में तीन से चार सेंटीमीटर का सुराख हो गया था। इसके साथ ही कमलेश के शव के पोस्टमार्टम के दौरान दो जगह चाकू से रेते जाने के निशान मिले हैं। इनमें से एक निशान उनकी गर्दन को रेतने का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कमलेश के निम्न हिस्सों में चाकू से वार किये गए थे-

-ठुड्डी से 6 सेमी. नीचे गले पर
-गले पर सामने की ओर से भी गहरा घाव
-सीने पर दाहिनी तरफ दो घाव
-सीने के बाएं हिस्से पर सात घाव
-बाएं कंधे पर
-बाएं कंधे से पीठ की तरफ
-पीठ पर बायीं तरफ
-सीधे कंधे पर

गौरतलब है कि कमलेश तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ में की गई थी। इस मामले में दोनों संदिग्ध हत्यारों को मंगलवार को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 3 साजिशकर्ताओं को गुजरात एटीएस पहले ही हिरासत में ले चुकी है, जो अभी यूपी पुलिस की रिमांड पर हैं।

गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास से हुई गिरफ्तारी
कमलेश तिवारी मर्डर केस की जांच में जुटी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को मंगलवार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हिन्दू समाज पार्टी नेता कमलेश तिवारी के आरोपी हत्यारे 34 वर्षीय अशफाक और 27 साल के मोइनुद्दीन को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। अशफाक और मोइनुद्दीन दोनों सूरत के रहने वाले हैं, एक एमआर है तो दूसरा फूड डिलिवरी बॉय है।  शाहजहांपुर में घेराबंदी किए हुई पुलिस को चकमा देकर दोनों लोग यूपी से निकल गए और रास्ते से सूरत में अपने परिवार को संपर्क कर रुपयों का बंदोबस्त करने को कहा। बस, यही कॉल गुजरात एटीएस ने ट्रेस कर ली और इन हत्यारों तक पहुंच गई।

दोनों हत्यारों ने कबूला गुनाह
गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। इस गिरफ्तारी की सूचना यूपी के डीजीपी को दे दी गई है। इन दोनों ने 18 अक्तूबर को लखनऊ के खुर्शेदबाग में कमलेश तिवारी की घर में घुसकर हत्या कर दी थी। दोनों भगवा वेश में वारदात करने पहुंचे थे। हत्या के बाद होटल खालसा इन में इन लोगों ने कपड़े बदले थे और फिर ट्रेन से बरेली भाग गए थे।

तीन साजिशकर्ता पहले ही गिरफ्तार
कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी रशीद पठान उर्फ राशिद, मोहसिन शेख और फैजान घटना के दूसरे दिन ही सूरत में पकड़ लिए गए थे। इनमें फैजान ने ही सूरत में एक दुकान से मिठाई खरीदी थी। इस दुकान का बिल घटनास्थल पर मिला था। हत्यारे मिठाई के डिब्बे में ही पिस्टल और चाकू छिपाकर लाए थे।

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